राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी की 9वीं शासी परिषद बैठक
भू-जल स्तर बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर
रायपुर: मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी की शासी परिषद की 9वीं बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव ने केंद्र सरकार की गाइडलाइन्स के तहत भूमिगत जल संचयन (Groundwater Recharge) और आजीविका संवर्धन पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।
बैठक में पीसीसीएफ अरुण पाण्डेय, कृषि सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, नाबार्ड, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, केंद्रीय भूमि जल बोर्ड और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के मुख्य बिंदु एवं निर्देश इस प्रकार हैं:
1. आजीविका और स्वरोजगार गतिविधियों का विस्तार
- शामिल गतिविधियां: जल संरक्षण परियोजनाओं के तहत डेयरी, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन, सूकर पालन, बत्तख पालन, मधुमक्खी पालन, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, पंप मोटर वितरण, अगरबत्ती उत्पादन, सब्जी उत्पादन, आटा, दाल और मसाला पिसाई मशीनों जैसी गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
- उद्देश्य: जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों को सीधा रोजगार और आय के साधन उपलब्ध कराना।
2. जल संग्रहण और सिंचाई रकबे में वृद्धि
- निर्मित संरचनाएं: चेकडैम, स्टॉपडैम, कुएं, फार्म पॉण्ड, अर्दन डैम, सिंचाई तालाब, डबरी, वृक्षारोपण और मृदा एवं नमी संरक्षण (Soil and Moisture Conservation) कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
- परिणाम: इन जल संग्रहण संरचनाओं से प्रदेश में अतिरिक्त सिंचाई रकबा बढ़ा है, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है।
3. योजनाओं की समीक्षा और PMKSY 3.0
- PMKSY 3.0: प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY 3.0) के तहत जलग्रहण क्षेत्र विकास कार्यक्रम के प्रारंभिक प्रतिवेदन प्रस्ताव और क्षेत्रफल अनुमोदन पर चर्चा हुई।
- अमृत सरोवर और पौधारोपण: वर्ष 2021 से अब तक हुए कार्यों की प्रगति, अमृत सरोवरों के निर्माण और व्यापक वृक्षारोपण की भी समीक्षा की गई।