रजिस्ट्री हुई तो नामांतरण भी आगे बढ़ा, किसान चंद्रशेखर को नहीं लगाने पड़े दफ्तर के चक्कर
रायपुर, जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद नामांतरण के लिए अलग से आवेदन करना और फिर दफ्तरों के चक्कर लगाना—किसानों और आम लोगों के लिए यह प्रक्रिया अक्सर समय लेने वाली रही है। लेकिन किसान चंद्रशेखर निषाद को इस बार ऐसी दौड़भाग नहीं करनी पड़ी। संपत्ति का पंजीयन होते ही ऑटोम्यूटेशन के जरिए नामांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी और उनका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो गया।
रजिस्ट्री के साथ ही शुरू हुई नामांतरण की प्रक्रिया
चंद्रशेखर निषाद ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद के दौरान अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि पहले रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। उनका कहना है कि नामांतरण जल्दी हो जाने से समय बचा और उन्हें अलग से कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ी।
ऑटोम्यूटेशन की व्यवस्था के तहत संपत्ति पंजीयन के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है। इससे नागरिकों को अलग से आवेदन करने और प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई है।
आधार से पहचान, ऑनलाइन भुगतान से भी सुविधा
पंजीयन सेवाओं में तकनीक के इस्तेमाल से प्रक्रिया के दूसरे चरणों में भी बदलाव आया है। क्रेता, विक्रेता और गवाहों की पहचान के सत्यापन के लिए आधार आधारित प्रमाणीकरण की सुविधा का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को मजबूत करने में मदद मिलती है।
इसके अलावा ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, डिजिटल दस्तावेज और नेट बैंकिंग व यूपीआई के जरिए ऑनलाइन भुगतान जैसी सुविधाओं ने भी पंजीयन प्रक्रिया को आसान किया है। लोगों को कई कामों के लिए कार्यालय पर निर्भर रहने की जरूरत कम हो रही है।
एक रजिस्ट्री, कई प्रक्रियाओं में राहत
चंद्रशेखर निषाद का अनुभव बताता है कि तकनीक का फायदा केवल रजिस्ट्री कराने तक सीमित नहीं है। रजिस्ट्री के बाद नामांतरण जैसी प्रक्रिया भी इससे जुड़ने लगी है। इससे समय की बचत के साथ लोगों की अनावश्यक दौड़भाग कम हो रही है।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के दौरान सामने आई यह कहानी पंजीयन सेवाओं में हो रहे बदलाव की एक जमीनी तस्वीर दिखाती है। संपत्ति पंजीयन से जुड़ी प्रक्रियाओं को तकनीक के जरिए आपस में जोड़ने से नागरिकों के लिए पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सहज बनाने की कोशिश की जा रही है।