पहाड़ी कोरवा बस्ती में बच्चों को मिला अपना आंगनबाड़ी भवन, पोषण और सीखने की गतिविधियों को मिली नई जगह
रायपुर, सरगुजा जिले के लुण्ड्रा विकासखंड की ग्राम पंचायत लालमाटी की पहाड़ी कोरवा बस्ती में अब बच्चों को आंगनबाड़ी की सेवाओं के लिए बेहतर माहौल मिल रहा है। यहां 11.69 लाख रुपये की लागत से नया आंगनबाड़ी भवन तैयार किया गया है। स्थायी भवन मिलने से बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और नियमित गतिविधियों का संचालन पहले से अधिक व्यवस्थित तरीके से हो पा रहा है।
दूरस्थ जनजातीय बस्ती में तैयार यह भवन सेवा संकल्प अभियान के तहत विभागीय योजनाओं के अभिसरण का उदाहरण है। वीबी जी राम जी और महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से भवन का निर्माण किया गया है। इससे बस्ती में रहने वाले बच्चों और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर ही विभिन्न सेवाओं से जोड़ने में सुविधा हुई है।
बच्चों के लिए पोषण और सीखने का बेहतर माहौल
आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। नए भवन में बच्चों के लिए नियमित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। निर्धारित स्थान मिलने से पोषण संबंधी सेवाओं, प्रारंभिक शिक्षा और बच्चों के विकास से जुड़ी गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में मदद मिल रही है।
स्थायी भवन का लाभ अभिभावकों को भी मिल रहा है। अब बच्चों को दूर किसी दूसरे स्थान पर ले जाने की जरूरत नहीं है। बस्ती में ही आंगनबाड़ी केंद्र उपलब्ध होने से बच्चों को नियमित रूप से केंद्र की सेवाओं से जोड़ना आसान हुआ है।
माताओं और किशोरी बालिकाओं को भी मिल रही सेवाएं
नया आंगनबाड़ी भवन बच्चों के साथ गर्भवती और शिशुवती माताओं तथा किशोरी बालिकाओं के लिए भी उपयोगी साबित हो रहा है। केंद्र के माध्यम से पोषण, मातृ एवं शिशु देखभाल और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी एवं सेवाओं तक स्थानीय स्तर पर पहुंच आसान हुई है।
नए भवन में इनसे संबंधित गतिविधियों और जागरूकता कार्यक्रमों के लिए भी पर्याप्त स्थान उपलब्ध है। इससे बच्चों, माताओं और किशोरी बालिकाओं को एक ही जगह पर विभागीय सेवाओं से जोड़ने की व्यवस्था मजबूत हुई है।
अभिसरण से दूरस्थ बस्ती तक पहुंची सुविधा
वीबी जी राम जी और महिला एवं बाल विकास विभाग के अभिसरण से तैयार यह भवन दूरस्थ जनजातीय बस्तियों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक पहल है। इससे बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के साथ महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं के लिए भी जरूरी सेवाओं की स्थानीय उपलब्धता बेहतर हुई है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत लालमाटी की यह पहल दिखाती है कि विभागीय योजनाओं के बेहतर समन्वय से दूरस्थ बस्तियों तक सुविधाएं पहुंचाकर बच्चों और महिलाओं को उनके अपने गांव में ही जरूरी सेवाओं से जोड़ा जा सकता है।