सरगुजा संभाग के अस्पतालों को 7 दिन में पूरी करनी होगी बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की प्रक्रिया
संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा सख्त, नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर होगी कार्रवाई
अंबिकापुर, सरगुजा संभाग के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, क्लीनिकों तथा नर्सिंग होम को सात दिनों के भीतर जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा ने इस संबंध में अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि नियमों का पालन नहीं करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अंबिकापुर में आयोजित अंतरविभागीय बैठक में संभागायुक्त ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को स्वास्थ्य संस्थानों में नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने को कहा। सभी संस्थानों के लिए आवश्यक प्राधिकार प्राप्त करना और अधिकृत कॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी (CBWTF) से जुड़ना अनिवार्य है।
संभागायुक्त ने अधिकारियों को अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों का नियमित निरीक्षण करने तथा कमियां मिलने पर उन्हें तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट का सुरक्षित संग्रहण और वैज्ञानिक तरीके से निपटान जनस्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है। इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अपशिष्ट के नियमित संग्रहण और निपटान की व्यवस्था सुचारू रखने पर भी जोर दिया गया। संभागायुक्त ने अधिकृत अपशिष्ट उपचार सुविधाओं से संबंधित देयकों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा, ताकि भुगतान में देरी के कारण सेवाएं प्रभावित न हों।
बैठक में कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, CMHO, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधि, उपायुक्त विकास आर.के. खुटे, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. कपिलदेव पैकरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।