सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने जिला सहकारी बैंक बिलासपुर की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
- 31 अगस्त तक पूरा करें सभी PACS का कंप्यूटरीकरण
रायपुर, किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने और सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए राज्य सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। वन, परिवहन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, बिलासपुर के सभाकक्ष में सहकारिता विभाग के अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में किसानों के हित में संचालित योजनाओं, ऋण वितरण, और पैक्स (PACS) के कंप्यूटरीकरण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
वर्ष 2026 में किसानों को 904 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित
समीक्षा बैठक में ऋण वितरण के आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्ष 2026 में किसानों को बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता दी गई है:
- नगद ऋण: ₹73,207.17 लाख (लगभग ₹732 करोड़)
- वस्तु ऋण (खाद-बीज आदि): ₹17,273.35 लाख (लगभग ₹172.73 करोड़)
- कुल वितरित ऋण: ₹904 करोड़ 80 लाख से अधिक
मंत्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पात्र किसानों को बिना किसी देरी के समय पर ब्याज मुक्त व कम ब्याज दर पर फसल ऋण उपलब्ध कराया जाए।
31 अगस्त तक सोसायटियों में डेटा एंट्री व कंप्यूटरीकरण पूरा करने के सख्त निर्देश
प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के कंप्यूटरीकरण की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि जिन समितियों में अभी डेटा एंट्री का काम लंबित है, उसे 31 अगस्त 2026 तक शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पैक्स के डिजिटल होने से किसानों को पारदर्शी और सुगम सेवाएं मिल सकेंगी।
5 जिलों की 47 नई सहकारी समितियों में विकसित होंगी बुनियादी सुविधाएं
सहकारिता मंत्री ने जानकारी दी कि क्षेत्र के 5 जिलों में 47 नई प्राथमिक सहकारी समितियां खोली गई हैं, जिनमें अकेले बिलासपुर जिले में 16 नई समितियां शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
- इन सभी नई समितियों में आवश्यक अधोसंरचना और बुनियादी सुविधाएं तुरंत विकसित की जाएं।
- स्थानीय स्तर पर किसानों को सहकारिता सेवाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए पर्याप्त संसाधन सुनिश्चित किए जाएं।
‘सहकार से समृद्धि’ और अन्य प्रमुख योजनाओं की समीक्षा
बैठक में विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर मंथन किया गया:
- सहकार से समृद्धि योजना: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
- कॉमन सर्विस सेंटर (CSC): सभी केंद्रों में शीघ्र आईडी जनरेट करने और संचालन सुचारू करने के निर्देश दिए गए।
- अन्न भंडारण योजना व गोदाम निर्माण: अधूरे पड़े गोदाम निर्माण कार्यों पर मंत्री ने हाउसिंग बोर्ड व संबंधित एजेंसियों को त्वरित कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को भंडारण सुविधा मिल सके।
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): केसीसी कवरेज बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए ताकि अधिक से अधिक किसान इससे जुड़ सकें।
- माइक्रो एटीएम व शिकायत निवारण: समितियों में माइक्रो एटीएम की सक्रियता बढ़ाने और सीएम हेल्पलाइन में लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निपटारा करने के निर्देश जारी किए गए।
बैठक में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि व अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष रजनीश सिंह, उपाध्यक्ष रजनी साहू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभात मिश्रा, नोडल अधिकारी आशीष दुबे समेत सहकारिता विभाग और बैंक के मुख्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।