कृत्रिम हाथ से गिलास, पैर से बाइक… कवर्धा में दिव्यांगजनों को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा
कवर्धा, कवर्धा के पीजी कॉलेज डोम में बुधवार को आयोजित दिव्यांग उपकरण वितरण शिविर में भावुक कर देने वाले कई दृश्य देखने को मिले। किसी ने कृत्रिम हाथ से पहली बार खुद पानी का गिलास उठाया तो किसी ने कृत्रिम पैर की मदद से बाइक चलाकर दिखाई। इन पलों ने बताया कि सहायक उपकरण सिर्फ शरीर का सहारा नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत भी बन सकते हैं।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने चार दिवसीय निःशुल्क शिविर का शुभारंभ किया और दिव्यांगजनों को कृत्रिम हाथ-पैर समेत अन्य सहायक उपकरण वितरित किए। भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर, सकल जैन समाज, भारतीय जैन संगटना और जिला प्रशासन के सहयोग से लगाए गए शिविर में करीब एक हजार दिव्यांगजनों ने पंजीयन कराया है।
शिविर में जरूरत के मुताबिक कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर्स, ट्राइसाइकिल और अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राजस्थान से आई विशेषज्ञ टीम मौके पर ही हितग्राहियों की शारीरिक जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग तैयार कर उनकी फिटिंग और परीक्षण कर रही है। इससे दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के मुताबिक उपकरण मिल पा रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजनों को उपकरण उपलब्ध कराने का उद्देश्य उन्हें किसी पर निर्भर रखना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ाना है। उन्होंने एक हितग्राही का उदाहरण देते हुए बताया कि बिजली के तार की चपेट में आने से उसके दोनों हाथ चले गए थे। कृत्रिम हाथ मिलने के बाद उसने पहली बार खुद पानी का गिलास उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसे बदलाव की अहमियत किसी उपकरण की कीमत से कहीं ज्यादा है।
बस्तर के दिव्यांगजनों तक भी पहुंचेगी मदद
विजय शर्मा ने बताया कि इसी तरह के शिविर जगदलपुर और दंतेवाड़ा में भी आयोजित किए जाएंगे। बस्तर के अंदरूनी इलाकों में आईईडी विस्फोटों के कारण दिव्यांग हुए लोगों को चिन्हित कर उन्हें कृत्रिम हाथ-पैर उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से ऐसे लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि उन्हें भी इस सुविधा से जोड़ा जा सके।
दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने कहा कि दिव्यांगजनों को उपकरणों के साथ कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और रोजगार से जोड़ना भी जरूरी है। रायपुर में कौशल विकास केंद्र तैयार किया जा रहा है, जहां डिजिटल मार्केटिंग और वित्तीय प्रबंधन समेत अलग-अलग ट्रेड का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पात्र दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए कम ब्याज पर ऋण और अनुदान की सुविधा भी उपलब्ध कराने की बात कही गई।
23 से 26 सितंबर तक चलने वाले शिविर में श्रवण, दृष्टि और अस्थि बाधित दिव्यांगजनों समेत विभिन्न श्रेणियों के हितग्राहियों को जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण दिए जाएंगे।