2027 चुनाव से पहले अखिलेश यादव पर मंत्रियों का हमला, बोले- सपा की वापसी के सपने होंगे अधूरे
मनोज पांडेय ने यूपी के मॉडल स्कूलों को लेकर किया दावा, एके शर्मा बोले- 2017 और 2022 की तरह फिर टूटेगा सपा का अहंकार
लखनऊ, उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों पर प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने पलटवार किया है। कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि भाजपा की चुनावी तैयारियों को देखकर सपा प्रमुख के हौसले अभी से पस्त नजर आ रहे हैं। वहीं, मंत्री एके शर्मा ने दावा किया कि 2027 में भी जनता सपा के अहंकार को तोड़ेगी। मंत्री जेपीएस राठौर ने अखिलेश यादव के सत्ता में वापसी के दावों पर तंज कसते हुए कहा कि सपने देखने में कोई टिकट नहीं लगता।
मनोज पांडेय ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सपा पर साधा निशाना
कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने एमएलसी चुनाव में भाजपा की छह सीटों पर जीत का उल्लेख करते हुए कहा कि अखिलेश यादव के बयान उनकी बेचैनी जाहिर करते हैं। उन्होंने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐसे मॉडल स्कूल विकसित किए जा रहे हैं, जो सुविधाओं के मामले में कॉन्वेंट स्कूलों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी को प्रदेश में हो रहे विकास कार्य दिखाई नहीं देते। सपा को अपने शासनकाल की शिक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए।
एके शर्मा बोले- 2027 में भी जनता देगी जवाब
कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका अहंकार 2017 और 2022 की तरह 2027 में भी टूटेगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में रोजगार के अवसरों और शैक्षणिक संस्थानों के विकास पर व्यापक काम हुआ है। उन्होंने आईआईटी, एम्स, विश्वविद्यालयों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा और विकास के क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम किया गया है।
जेपीएस राठौर का तंज- सपने देखने में टिकट नहीं लगता
मंत्री जेपीएस राठौर ने अखिलेश यादव के सत्ता में वापसी के दावों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सपने देखने में कोई टिकट नहीं लगता, इसलिए वे सपने देखते रहें। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता अंगद की तरह मजबूती से मैदान में खड़ा है। राठौर ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और एनडीए फिर बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे और प्रदेश में समाजवादी पार्टी को हार का सामना करना पड़ेगा।