डिजिटल क्रांति की राह पर सारंगढ़-बिलाईगढ़, ‘डिजिटल क्रॉप सर्वे’ में पूरे प्रदेश में हासिल किया पहला स्थान
रायपुर: छत्तीसगढ़ का नवगठित जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ तकनीक के प्रभावी उपयोग और दूरदर्शी प्रशासनिक रणनीति के बल पर प्रदेश में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। कृषि क्षेत्र को पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में संचालित राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘डिजिटल क्रॉप सर्वे’ के क्रियान्वयन में जिले ने समूचे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है।
प्रदेश स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार, 87 प्रतिशत कार्य पूर्णता के साथ सारंगढ़-बिलाईगढ़ शीर्ष पर है, जबकि 86 प्रतिशत के साथ खैरागढ़ दूसरे और 81 प्रतिशत के साथ कोरिया तीसरे स्थान पर बना हुआ है।
मैदानी स्तर पर मुस्तैदी और 88.45% की वास्तविक प्रगति
कड़े प्रशासनिक नियंत्रण और मैदानी अमले की सक्रियता के बूते जिले में कुल 53,524 लक्षित प्लॉटों में से 47,350 प्लॉटों का सर्वे पूरा कर लिया गया है, जो 88.45 प्रतिशत की वास्तविक प्रगति को दर्शाता है। केवल सर्वे ही नहीं, बल्कि डेटा सत्यापन और अनुमोदन (Approval) में भी तेजी लाते हुए अब तक 35,476 मामलों को अनुमोदित किया जा चुका है।
सारसींवा तहसील सबसे आगे, सारंगढ़ ने दिखाया प्रशासनिक दम
जिले की सभी छह तहसीलों में सर्वे का कार्य तीव्र गति से चल रहा है:
- सारसींवा तहसील: 93.27% प्रगति के साथ जिले में सबसे आगे।
- भटगांव तहसील: 93.15% आंकड़े के साथ दूसरे स्थान पर।
- सारंगढ़ तहसील: जिले के सबसे बड़े राजस्व क्षेत्र सारंगढ़ ने 88.60% सर्वे पूरा किया और सर्वाधिक 84.36% अनुमोदन दर्ज कराकर प्रशासनिक दक्षता की मिसाल पेश की।
- अन्य तहसीलें: सारिया, बिलाईगढ़ और बरमकेला तहसीलों में भी 84 से 86 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है।
किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगी पारदर्शी व्यवस्था
राजस्व और कृषि विभाग की पूरी टीम शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार समीक्षा कर रही है। फसलों का यह सटीक डिजिटल ब्योरा न केवल व्यवस्था में पारदर्शिता लाएगा, बल्कि भविष्य में किसानों को फसल बीमा दावों के भुगतान और विभिन्न शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।