बासी के मीठास अउ आमा के अथान: इही म होथे हमर छत्तीसगढ़ के पहिचान!
अशोक पटेल “आशु”, तुस्मा,शिवरीनारायन(छत्तीसगढ़) “बासी के गोठ निघथे त पेट नइ, सीधो मन हर अघा जाथे, अउ आमा के अथान के खटास मिल जाथे त जिनगी के हर एक पाटा सुग्घर लागे लागथे।” हमर छत्तीसगढ़ के जब भी बात आथे, त सबले पहिली इहाँ के पहिचान के ही बात होथे। आखिर हमर छत्तीसगढ़ के पहिचान […]