यूपी राइज 2026: युवाओं को ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ बना रही योगी सरकार
अवध विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 15 आइडिया शॉर्टलिस्ट, विजेता टीम को मिला 25 हजार रुपये का पुरस्कार
अयोध्या, युवाओं को नौकरी तलाशने वाले के बजाय रोजगार देने वाला उद्यमी बनाने के उद्देश्य से राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में ‘UP RISE 2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एक हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और 20 से अधिक स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए। इनमें से 15 विचारों को आगे की प्रक्रिया के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कंटेंट क्रिएटर हिमेश मदान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना तथा उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के अवसरों से परिचित कराना था। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, यूपी स्टार्टअप फंड, यूपी स्किल मिशन और अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।
कृषि से तकनीक तक पेश किए नए विचार
प्रतियोगिता में छात्रों ने हर्बल फार्मेसी, रोबोटिक्स सिमुलेशन, छात्र आवास, मखाना ब्रांडिंग, कृषि अपशिष्ट से जल उपचार, बायोचार, एग्रो-टूरिज्म और डिजिटल सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में अपने विचार प्रस्तुत किए। पर्यावरण के अनुकूल पोर्टेबल दाह संस्कार प्रणाली भी आकर्षण का केंद्र रही। आयोजकों के अनुसार, इस प्रणाली से लकड़ी की खपत में 30 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है।
ग्रीन ग्रो ऑर्गेनिक फार्मिंग को पहला पुरस्कार
प्रतियोगिता में कुशीनगर की टीम ‘ग्रीन ग्रो ऑर्गेनिक फार्मिंग’ ने पहला स्थान हासिल किया और 25 हजार रुपये का पुरस्कार जीता। पोर्टेबल क्रिमेशन सेंटर को दूसरा स्थान मिला। वहीं, रोबोटिक्स सिमुलेशन से जुड़े ‘रैक्सर’ और कृषि बायोचार के माध्यम से ग्रे-वॉटर ट्रीटमेंट के विचार भी उल्लेखनीय रहे।
कार्यक्रम में मेंटर ज्योति तिवारी और ईशा शाह ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। आयोजकों के मुताबिक, युवाओं को स्वरोजगार और स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित करने वाली यह पहल उत्तर प्रदेश के 25 शहरों के 30 प्रमुख कॉलेजों में आयोजित की जानी है।