सकालो मुरना बांध से जल संकट दूर, 45 हेक्टेयर खेती को मिला सिंचाई का सहारा
रायपुर, सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड में ग्रामीणों की मांग पर निर्मित सकालो मुरना बांध अब सिंचाई, निस्तारी और मवेशियों के लिए पेयजल का महत्वपूर्ण आधार बन गया है। बांध से खरीफ की 30 हेक्टेयर और रबी की 15 हेक्टेयर फसल को सिंचाई का पानी मिल रहा है। इस तरह कुल 45 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को इसका लाभ मिल रहा है।
374.96 लाख रुपए की लागत से हुआ निर्माण
ग्राम सकालो में मवेशियों के पेयजल और निस्तारी की समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने बांध निर्माण की मांग की थी। इसके बाद जल संसाधन विभाग ने स्थल का निरीक्षण कर शासन को प्रस्ताव भेजा। सकालो मुरना बांध निर्माण के लिए 30 जनवरी 2023 को 374.96 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 15 जून 2024 को बांध का निर्माण पूर्ण हुआ।
पूरी क्षमता से भरा बांध, बढ़ा जलस्तर
वर्तमान में बांध पूरी क्षमता से भरा हुआ है। पर्याप्त जलभराव के कारण आसपास के क्षेत्रों में भी जलस्तर बढ़ा है। इससे ग्रामीणों को निस्तारी के लिए पानी मिलने के साथ मवेशियों के लिए भी पेयजल की उपलब्धता बेहतर हुई है।
45 हेक्टेयर खेती को मिला लाभ
बांध से खरीफ सीजन में करीब 30 हेक्टेयर और रबी सीजन में 15 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिल रही है। स्थानीय स्तर पर पानी की उपलब्धता से किसानों को रबी फसल लेने में भी सहूलियत मिली है और खेती को मजबूती मिली है।
बांध निर्माण से आसपास के ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा भी मिली है। इस तरह ग्रामीणों की जरूरत से शुरू हुई यह पहल जल संरक्षण के साथ सिंचाई, निस्तारी, मवेशियों के पेयजल और आवागमन जैसी कई आवश्यकताओं को पूरा कर रही है।