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ये कैइसे बांध, जे नइ अवय किसान मन के काम

अधिकारी मन के लापरवाही ले तीन करोड़ रुपिया पानी म बह गे

सुकमा । जिला म लघु सिंचाई योजना म नहर मन म चेक डैम बनाके जल संरक्षण कर के योजना के लाभ किसान मन ल नइ मिलत हे। विभागीय अधिकारी मन के लापरवाही ले तीन करोड़ रुपिया ले भी ज्यादा के राशि खरच कर के बनाए गे चेक डैम बेकार साबित होवत हे।
छिंदगढ़ विकास खण्ड के छुरागटटा गांव म भूमि संरक्षण विभाग ह पाछू चार साल म दस-दस लाख के लागत ले तीन स्टॉप डैम के निर्माण कराइस हे। एमा के एक ठन ह निर्माण के कुछ दिन बाद जमीन ले उखड़ गे। ऐखर दीवार म मोटी दरारें पड़ गेहे। एती अउ दो बांध म गेट ही नइ लगाए गेहे। गांव वाले के मानन तो दस लाख के लागत ले बने स्टॉप डैम म दस लीटर पानी घलो रूक नइ रोके जा सकय । लोग मन ह विभाग ल एखर जानकारी भी दीस, लेकिन आज तक संबंधित ठेकेदार के खिलाफ न ही कार्रवाई होइस अउ न ही बांध के मरम्मत कराए के प्रयास करे गिस।
भूमि संरक्षण विभाग ह सिंचाई येाजना म किए गए कार्य मन के पड़ताल म भ्रष्टाचार के मामला सामने आइस हे। गंजेनार ग्राम पंचायत म 15 -15 लाख के लागत ले पांच बांध मन के निर्माण करे गेहे। ये विभाग ह एक ही किसान के खेत म कुछ ही दूरी म तीन बांध बनावा दिए हे। तकनीकी मापदण्ड मन ल विभाग के जिम्मेदार मन ह पूरी तरह ताक म रख काम करिस हे। बेस म सीमेट-कांक्रीट के जगह मिट्टी बिछा दे गेहे। एती रिटर्निंग वाल के गहराई भी बहुत कम हवय। एखर बारे म जब सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी राकेश जोशी ले अधूरा अउ क्षतिग्रस्त बांध मन के बारे म सवाल करे गिस तो कहिन कि बारिश के बाद बांध मन म गेट लगाए जाही। अइसे म सवाल उठत हे कि जब बांध के निर्माण ही पानी रोके बर करे गेहे तो बारिश के बाद गेट लगाए ले बांध म पानी कैसे पानी रुकही।

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