धमतरी में पर्यटन को नई पहचान, जबर्रा में नाइट ट्रेकिंग और कैंपिंग से बढ़ा आकर्षण
तीन राज्यों के 46 प्रकृति प्रेमियों ने लिया हिस्सा, रोमांच के साथ धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
रायपुर, प्राकृतिक सौंदर्य, विशाल जलाशयों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भरपूर धमतरी जिला पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। वनग्राम जबर्रा में आयोजित दो दिवसीय नाइट ट्रेकिंग एवं कैंपिंग कार्यक्रम ने जिले में इको-टूरिज्म और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को नई पहचान दी। यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (YHAI) की धमतरी इकाई द्वारा आयोजित इस अभियान में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के 11 शहरों से आए 46 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। विधायक ओंकार साहू ने सिहावा चौक से अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने जंगलों के बीच ट्रेकिंग, कैंपिंग, कैंपफायर, बर्ड वाचिंग और तारों को निहारने जैसी गतिविधियों का आनंद लिया। शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस अभियान में नदी किनारे रात्रिकालीन ट्रेकिंग भी आकर्षण का केंद्र रही। दूसरे दिन 15 किलोमीटर लंबे ट्रैक्टर ट्रेल ने प्रतिभागियों के रोमांच को और बढ़ाया। इस दौरान सुरक्षित भव फाउंडेशन के डॉ. संदीप धूपड़ ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की जानकारी दी।
धमतरी में पर्यटन की संभावनाएं केवल जंगलों और साहसिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं। गंगरेल जलाशय में वाटर स्पोर्ट्स और कयाकिंग पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। वहीं, सिहावा स्थित महानदी का उद्गम स्थल, श्रृंगी ऋषि आश्रम, कर्णेश्वर महादेव मंदिर, रुद्रेश्वर मंदिर और मां अंगारमोती मंदिर धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र हैं। जबर्रा का प्राकृतिक वातावरण ट्रेकिंग, कैंपिंग और नेचर ट्रेल जैसी गतिविधियों के लिए विशेष आकर्षण रखता है।
पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं और ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुल रहे हैं। होम-स्टे, स्थानीय गाइड, परिवहन, कैंपिंग और पारंपरिक खानपान के क्षेत्र में स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ रही हैं। चीला, फरा और मुठिया जैसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की मांग से स्थानीय खाद्य व्यवसाय को प्रोत्साहन मिल सकता है। वहीं, महुआ, शहद, हर्बल उत्पादों और पारंपरिक हस्तशिल्प की बिक्री से महिलाओं तथा स्थानीय कारीगरों को आर्थिक लाभ मिलने की संभावनाएं हैं।
जबर्रा की जनजातीय संस्कृति, लोक कलाओं और समृद्ध वन संपदा को पर्यटन से जोड़ने के प्रयास धमतरी की पहचान को और मजबूत कर सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और स्थानीय समुदाय की भागीदारी के साथ पर्यटन स्थलों का विकास जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रकृति, रोमांच और आस्था का संगम धमतरी को पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में नई संभावनाएं खोल रहा है।