कलेक्टर रेना जमील ने किया माता राजमोहिनी देवी के समाधि स्थल का अवलोकन, संरक्षण पर जोर
सूरजपुर, सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम गोविंदपुर (रजमेलान) में कलेक्टर रेना जमील ने पद्मश्री माता राजमोहिनी देवी के समाधि स्थल और आश्रम का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने परिसर की साफ-सफाई, रखरखाव और श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं के विस्तार को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
कलेक्टर ने आश्रम में माता राजमोहिनी देवी की पुरानी कुटिया का भी भ्रमण किया। उनकी पुत्री राम बाई ने माता के जीवन से जुड़ी स्मृतियों, पारंपरिक बर्तनों और अन्य सामग्री की जानकारी दी। कलेक्टर ने माता के जीवन पर आधारित पुस्तक, पद्मश्री सम्मान, मेडल और अन्य स्मृति चिह्नों का अवलोकन किया। उन्होंने आश्रम परिसर स्थित मंदिर में दर्शन भी किए।
सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ चलाया था जनजागरण
अनुयायियों ने बताया कि माता राजमोहिनी देवी ने आदिवासी समाज में सामाजिक कुरीतियों, अंधविश्वास, नशे और शोषण के खिलाफ जनजागरण किया। उन्होंने आदिवासी महिलाओं के अधिकार, स्वाभिमान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए। उनके सामाजिक योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 1989 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। आज भी उनके प्रति लोगों की आस्था बनी हुई है और माघ मेले में हजारों अनुयायी समाधि स्थल पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
आश्रम समिति के संरक्षक त्रिभुवन सिंह टेकाम और अन्य अनुयायियों ने स्थल के विकास एवं आवश्यक सुविधाओं को लेकर कलेक्टर के समक्ष सुझाव रखे। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए, ताकि माता राजमोहिनी देवी की सामाजिक विरासत और उनकी प्रेरणादायी स्मृतियों को संरक्षित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले, एसडीएम प्रतापपुर रमेश मोर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।