कोरबा के दो गांवों में बने बालिका शौचालय, 6,671 निर्माण का लक्ष्य
‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के तहत नोनबिर्री और दादरकला में निर्माण पूरा, बेटियों को मिलेगी स्वच्छ और सुरक्षित सुविधा
कोरबा। शारदीय नवरात्र के अवसर पर कोरबा जिले के दो गांवों में बालिकाओं के लिए शौचालयों का निर्माण पूरा किया गया है। पाली विकासखंड की ग्राम पंचायत नोनबिर्री और करतला विकासखंड की ग्राम पंचायत दादरकला में वीबी-जी रामजी योजना के तहत बने इन शौचालयों को गुलाबी रंग और आकर्षक चित्रकारी से सजाया गया है। दीवारों पर ‘मेरी बेटी–मेरा स्वाभिमान’ और ‘स्वच्छ रहें, सुरक्षित रहें’ जैसे संदेश लिखे गए हैं।
बालिकाओं की सुविधा और सम्मान पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का उद्देश्य ग्रामीण स्कूलों में छात्राओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। अलग बालिका शौचालय होने से छात्राओं की निजता और स्वच्छता संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही, विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति और पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल तैयार करने में भी यह सुविधा उपयोगी होगी।
प्रदेश में 6,671 शौचालय बनाने का लक्ष्य
राज्यव्यापी ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का शुभारंभ 6 अगस्त 2026 को किया गया था। यह अभियान 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक संचालित किया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश के ग्रामीण शासकीय विद्यालयों में करीब 286.85 करोड़ रुपये की लागत से 6,671 बालिका शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। अभियान का उद्देश्य बेटियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी शिक्षा, सुरक्षा और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना है।