दण्डक ब्रांड के उत्पाद अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की तैयारी
एनपीओपी प्रमाणन पाने वाली प्रदेश की पहली महिला किसान उत्पादक कंपनी बनी मां दंतेश्वरी एफपीसी, 3,000 से अधिक महिलाओं को मिल रहा लाभ
दंतेवाड़ा, बस्तर की महिला वनोपज संग्राहकों के उत्पादों को अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की तैयारी है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी की पदाधिकारियों और सदस्यों ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने वनोपज के लिए राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) का प्रमाणन मिलने पर महिलाओं को बधाई दी और उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग तथा निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा की।
महिला सदस्यों ने उप मुख्यमंत्री को अपने ‘दण्डक ब्रांड’ का चावल भेंट किया। उन्होंने कंपनी की गतिविधियों और उत्पादों की बिक्री की जानकारी ली। विजय शर्मा ने दण्डक ब्रांड को छत्तीसगढ़ के ‘छत्तीसकला’ ब्रांड से जोड़कर बाजार का दायरा बढ़ाने और उत्पादों को नई पहचान दिलाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया।
1,080 महिला शेयरधारक कंपनी से जुड़ीं
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत वर्ष 2023 में मां दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड का गठन किया गया था। कंपनी को वनोपज के लिए एनपीओपी प्रमाणन मिला है। इसे प्रदेश में वनोपज के लिए यह प्रमाणन प्राप्त करने वाली पहली महिला किसान उत्पादक कंपनी बताया गया है।
वर्तमान में कंपनी से 1,080 महिला शेयरधारक प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हैं। इसके अलावा 60 उत्पादक समूहों से संबद्ध करीब 2,100 वनोपज संग्राहक महिलाएं भी इसकी गतिविधियों से लाभान्वित हो रही हैं। कंपनी ने पिछले दो वर्षों में एक करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया है।
दण्डक ब्रांड से स्थानीय उत्पादों को पहचान
कंपनी के दण्डक ब्रांड के तहत एचएमटी, लाल चूड़ी और बासमती चावल के साथ नीम फूल, अमचूर, इमली, महुआ, कोदो, कुटकी और रागी जैसे स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बिक्री की जा रही है। दंतेवाड़ा में विशेष बिक्री केंद्र भी शुरू किया गया है, जहां विभिन्न स्थानीय उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं।
एनपीओपी प्रमाणन से प्रमाणित जैविक वनोपज को बड़े बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ी हैं। उप मुख्यमंत्री ने महिलाओं को उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग बेहतर बनाने के साथ निर्यात के लिए जरूरी तैयारियां करने को कहा। उन्होंने स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका को बढ़ावा देने और वनोपज संग्राहकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने पर भी जोर दिया।
जैविक उत्पादों से रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर
विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर में स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने ऐसे गांवों के कृषि उत्पादों और वनोपज को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप जैविक प्रमाणीकरण से जोड़ने की संभावनाओं पर काम करने की बात कही, जहां परंपरागत रूप से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं हुआ है। इससे स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
कंपनी की अध्यक्ष विमला ठाकुर ने बताया कि पहले महिलाओं द्वारा एकत्रित वनोपज की बिक्री मुख्य रूप से स्थानीय बाजारों में होती थी। दण्डक ब्रांड और एनपीओपी प्रमाणन से अब उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने और बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
इस अवसर पर विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एम. भार्गव सहित कंपनी की पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहीं।