नारायणपुर के मल्टी एक्टिविटी सेंटर में महिलाओं की आजीविका गतिविधियों का विस्तार करने पर जोर
प्रभारी सचिव भीम सिंह ने कोचवाही सेंटर का किया निरीक्षण, मुर्गीपालन, गायपालन, मछलीपालन और खाद्य प्रसंस्करण से आय बढ़ाने के दिए निर्देश
रायपुर, ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संचालित आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव एवं नारायणपुर जिले के प्रभारी सचिव भीम सिंह ने कोचवाही स्थित मल्टी एक्टिविटी सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित विभिन्न इकाइयों का जायजा लेते हुए उनकी आय बढ़ाने और गतिविधियों का विस्तार करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान भीम सिंह ने समूह की महिलाओं से बातचीत कर उत्पादन, बिक्री, बाजार की उपलब्धता और आमदनी की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, वित्तीय सहयोग और बाजार से जोड़ने की व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि स्थानीय संसाधनों के आधार पर उन्हें नियमित आय के अवसर मिल सकें।
सचिव ने मां इंद्रावती स्व-सहायता समूह की पौष्टिक लड्डू निर्माण इकाई का अवलोकन किया। उन्होंने उत्पादन प्रक्रिया और बिक्री की जानकारी लेते हुए उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और बेहतर विपणन पर ध्यान देने को कहा। उनका कहना था कि बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन बढ़ाने से समूह की आमदनी में इजाफा हो सकता है।
इसके बाद उन्होंने लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की मुर्गीपालन इकाई और गायपालन गतिविधियों का निरीक्षण किया। महिलाओं ने इन गतिविधियों के विस्तार के लिए आर्थिक सहायता की मांग रखी। इस पर सचिव ने अधिकारियों को आवश्यकताओं का आकलन कर सहयोग की संभावनाएं तलाशने और संबंधित विभागीय योजनाओं से समूहों को जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं के रखरखाव, चारा व्यवस्था और दुग्ध उत्पादन को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया।
मल्टी एक्टिविटी सेंटर की बटेरपालन इकाई का जायजा लेने के बाद सचिव ने गायत्री स्व-सहायता समूह द्वारा तालाब में किए जा रहे मछलीपालन का निरीक्षण किया। उन्होंने मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों को समूह की महिलाओं को अच्छी गुणवत्ता के मत्स्य बीज उपलब्ध कराने और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। वहीं, मां शीतला स्व-सहायता समूह की सब्जी उत्पादन इकाई का निरीक्षण कर उत्पादन लागत, बिक्री और लाभ की जानकारी ली।
भीम सिंह ने कहा कि महिला समूहों को केवल उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय उद्यमिता, मूल्य संवर्धन, विपणन और व्यवसाय प्रबंधन से भी जोड़ना जरूरी है। उन्होंने प्रत्येक समूह की जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर आय बढ़ाने की व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर नम्रता जैन, जिला पंचायत सीईओ चित्रकांत चाली ठाकुर, एसडीएम सौरभ दीवान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।