नारायणपुर के आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘आंगन मिलन’ का शुभारंभ, बच्चों का परिचय, गोद भराई और अन्नप्राशन हुआ
रायपुर, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत नारायणपुर जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। अमगांव, बेलगांव, ओरछा, कोहकामेटा, बेनुर और छोटेडोंगर सहित जिले के विभिन्न सेक्टरों और परियोजनाओं के आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। दूरस्थ क्षेत्रों में भी कार्यक्रम के माध्यम से समुदाय को पोषण, स्वास्थ्य और बाल विकास सेवाओं से जोड़ा गया।
नगर पालिका क्षेत्र के बांग्लापारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में सोमवार को आयोजित मुख्य कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिलाओं और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आंगनबाड़ी केंद्रों को आकर्षक ढंग से सजाया गया और रंगोली के माध्यम से बच्चों के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों और जनप्रतिनिधियों ने बच्चों से संवाद कर उनका परिचय लिया और उनकी रुचियों व गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।
‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और छह माह की आयु पूरी कर चुके शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया। गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच, आवश्यक सावधानियों और संतुलित आहार के महत्व की जानकारी दी गई। वहीं, अन्नप्राशन के माध्यम से छह माह के बाद शिशुओं को समय पर पूरक आहार शुरू करने के महत्व पर जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने माताओं और अभिभावकों को टीकाकरण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, शिक्षा तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य से संबंधित विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। जिला पंचायत सदस्य, पार्षद और अन्य महिला प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई। आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण आहार वितरण का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र हैं।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत नारायणपुर जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले दिनों में भी जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य पोषण, स्वास्थ्य और बाल विकास से संबंधित सेवाओं को समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना और आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रति लोगों की सहभागिता को बढ़ावा देना है।