बस्तर में नक्सलवाद पर निर्णायक सफलता के बाद शुरू हुआ विकास का नया दौर: चेन्नई के पत्रकारों से बोले मुख्यमंत्री साय
रायपुर: चार दशकों से नक्सलवाद का दंश झेल रहे बस्तर में अब शांति, विश्वास और बुनियादी सुविधाओं का नया दौर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुख्यमंत्री निवास में पत्र सूचना कार्यालय (PIB) चेन्नई के निदेशक पी. अरुण कुमार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए दक्षिण भारतीय पत्रकारों के दल ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर के बदलते परिदृश्य, नई औद्योगिक नीति और नवा रायपुर के ‘एजुकेशन एवं टेक हब’ के रूप में उभरने पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के प्रमुख मुख्य बिंदु
- नियद नेल्लानार योजना से जमीनी बदलाव: सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, पेयजल, राशन और बैंकिंग जैसी बुनियादी सुविधाएं ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत पहुंचाई जा रही हैं।
- पर्यटन एवं जनजातीय कला को बढ़ावा: बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपातों, वन संपदा और अद्वितीय जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने तथा युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर विशेष जोर है।
- नई औद्योगिक विकास नीति (2024-30): प्रदेश अब पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर Artificial Intelligence (AI), डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश आकर्षित कर रहा है।
- नवा रायपुर बना एजुकेशन हब: नवा रायपुर और रायपुर देश के प्रमुख शिक्षा एवं तकनीकी केंद्रों के रूप में स्थापित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ रहा है।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चेन्नई से आए पत्रकारों को छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कोसा सिल्क का शॉल भेंट कर सम्मानित किया। वहीं, पत्रकार दल ने मुख्यमंत्री को तमिलनाडु के ऐतिहासिक महाबलीपुरम मंदिर की प्रतिकृति स्मृति-चिह्न के रूप में सौंपी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल और मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह भी मौजूद रहे।