IGKV पेपर लीक मामला: मुख्यमंत्री साय की सख्ती, 5 सदस्यीय जांच समिति गठित और FIR दर्ज
रायपुर, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा का प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर लीक होने के मामले को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में परीक्षाओं की शुचिता और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 5 सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। साथ ही रायपुर के तेलीबांधा थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।
प्रमुख अपडेट्स एवं मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- जीरो टॉलरेंस की नीति: मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार परीक्षाओं में गड़बड़ी पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
- परीक्षा निरस्त: 20 अगस्त को आयोजित इस परीक्षा में 27 कृषि महाविद्यालयों के लगभग 1,200 विद्यार्थी शामिल हुए थे। निष्पक्षता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय ने परीक्षा को निरस्त कर दिया है।
- सितंबर में पुन: परीक्षा: निरस्त की गई एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा अब सितंबर 2026 के प्रथम सप्ताह में आयोजित की जाएगी।
- साइबर सेल की मदद: पेपर कहां से और किस स्रोत से लीक हुआ, इसकी तकनीकी और डिजिटल जांच के लिए साइबर सेल की सहायता ली जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा के निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि प्रश्नपत्र निर्माण, सुरक्षित रख-रखाव, प्रिंटिंग से लेकर परीक्षा केंद्रों तक वितरण की पूरी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि परीक्षा प्रणाली में ऐसी मजबूती लाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो।